ये है नंदन नीलेकनी ,,,, ये भारत सरकार मे युनिक आईडेन्टीटी #UID और आधार कार्ड स्कीम के मुखिया हैं. ये भारत की दिग्गज आईटी कंपनी #इन्फोसिस के सहसंस्थापक थे और उसके चेयरमैन भी रहे. बाद मे 2009 मे कम्पनी से इस्तिफा देकर भारत सरकार के उपर बताये स्कीम के मुखिया बने.
आजकल काफी चर्चा में हैं. इसके दो कारण हैं.
1- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आधार कार्ड के अनिवार्यता को रद्द किया जाना.
2- 19 सितम्बर को इनके दिये बयान के अनुसार जल्द ही कांग्रेस ज्वाइन करेंगे.
आधार कार्ड योजना शुरुआत से ही शक के दायरे मे रही है. जो सबसे बङा तथ्य हम अपने पेज के माध्यम से रख रहे हैं वो यह है की आधार कार्ड और युआईडी की सारी जानकारी इकठ्ठा करने की जिम्मेवारी जिस कम्पनी को दी गयी है वह अमेरिकन जासुसी संस्था CIA की सहयोगी है,,,,,उसका नाम L-1 identity solutions है.
भारत सरकार ने जहां हर नागरिक के इतनी महत्वपुर्ण जानकारी के रच्छा के नाम पर ह्वुआई और देवास से समझौते रद्द कर दिये वहीं न जाने क्यों इस कम्पनी से समझौता कर लिया.
दुसरी सबसे बङी बात यह हुई की data collection का सारा कार्य तमाम NGOs को सौप दिया गया जिससे भारी मात्रा मे अवैध बंग्लादेशी नागरिको ने गलत सुचना देकर आधार कार्ड प्राप्त कर लिये, यह गङबङी इतना ज्यादा हुआ की एक अभियान के दौरान मुम्बई के केवल एक उपनगर में 56 बंग्लादेशी अवैध तरीके से आधार कार्ड बनवाये हुए मिले.
इस भारी भरकम योजना के तहत सरकार ने बेवजह 4500 करोङ रुपये बर्बाद कर दिये, वहीं कई जगह ये भी आरोप लगा की इस योजना मे शामिल NGOs ने भारी वित्तिय अनियमितता की है.
जिन भी अवैध नागरिको ने आधार कार्ड बनवा लिये हैं वो भले ही अवैध क्यो न हों वो सरकारी सब्सीडी पाने के अधिकारी हो गये, सबसे बङा सत्य तो यह है की अवैध नागरिको ने ही सबसे पहले आधार कार्ड बनवा लिया.
ये तो कुछ बाते थी आधार कार्ड की जिससे का राष्ट्र की आर्थिक और खुपिया सुरच्छा दाव पर लग गयी है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके जरुरी किये जाने के सरकार के अदुरदर्शी फैसले को रद्द कर दिया है.
नंदन नीलेकङी की यह योजना फ्लाप हो चुकी है , अब वह जल्द ही कांग्रेस मे शामिल होने जा रहें हैं और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेश उन्हे सम्भवत: दच्छिण बंगलौर सीट से मैदान मे उतार सकती है.
ज्यादा जानकारी के लिये निम्न लिंक पढे.
मीडिया रिपोर्ट - 10 अक्टुबर
http://www.indianexpress.com/news/is-he-joining-congress--nilekani-says-possibly/1171037/
http://www.deccanherald.com/content/212980/how-does-govt-justify-aadhaar.html/
==========================================
मीडिया रिपोर्ट https://www.facebook.com/RealMediaReport
आजकल काफी चर्चा में हैं. इसके दो कारण हैं.
1- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आधार कार्ड के अनिवार्यता को रद्द किया जाना.
2- 19 सितम्बर को इनके दिये बयान के अनुसार जल्द ही कांग्रेस ज्वाइन करेंगे.
आधार कार्ड योजना शुरुआत से ही शक के दायरे मे रही है. जो सबसे बङा तथ्य हम अपने पेज के माध्यम से रख रहे हैं वो यह है की आधार कार्ड और युआईडी की सारी जानकारी इकठ्ठा करने की जिम्मेवारी जिस कम्पनी को दी गयी है वह अमेरिकन जासुसी संस्था CIA की सहयोगी है,,,,,उसका नाम L-1 identity solutions है.
भारत सरकार ने जहां हर नागरिक के इतनी महत्वपुर्ण जानकारी के रच्छा के नाम पर ह्वुआई और देवास से समझौते रद्द कर दिये वहीं न जाने क्यों इस कम्पनी से समझौता कर लिया.
दुसरी सबसे बङी बात यह हुई की data collection का सारा कार्य तमाम NGOs को सौप दिया गया जिससे भारी मात्रा मे अवैध बंग्लादेशी नागरिको ने गलत सुचना देकर आधार कार्ड प्राप्त कर लिये, यह गङबङी इतना ज्यादा हुआ की एक अभियान के दौरान मुम्बई के केवल एक उपनगर में 56 बंग्लादेशी अवैध तरीके से आधार कार्ड बनवाये हुए मिले.
इस भारी भरकम योजना के तहत सरकार ने बेवजह 4500 करोङ रुपये बर्बाद कर दिये, वहीं कई जगह ये भी आरोप लगा की इस योजना मे शामिल NGOs ने भारी वित्तिय अनियमितता की है.
जिन भी अवैध नागरिको ने आधार कार्ड बनवा लिये हैं वो भले ही अवैध क्यो न हों वो सरकारी सब्सीडी पाने के अधिकारी हो गये, सबसे बङा सत्य तो यह है की अवैध नागरिको ने ही सबसे पहले आधार कार्ड बनवा लिया.
ये तो कुछ बाते थी आधार कार्ड की जिससे का राष्ट्र की आर्थिक और खुपिया सुरच्छा दाव पर लग गयी है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके जरुरी किये जाने के सरकार के अदुरदर्शी फैसले को रद्द कर दिया है.
नंदन नीलेकङी की यह योजना फ्लाप हो चुकी है , अब वह जल्द ही कांग्रेस मे शामिल होने जा रहें हैं और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेश उन्हे सम्भवत: दच्छिण बंगलौर सीट से मैदान मे उतार सकती है.
ज्यादा जानकारी के लिये निम्न लिंक पढे.
मीडिया रिपोर्ट - 10 अक्टुबर
http://www.indianexpress.com/news/is-he-joining-congress--nilekani-says-possibly/1171037/
http://www.deccanherald.com/content/212980/how-does-govt-justify-aadhaar.html/
==========================================
मीडिया रिपोर्ट https://www.facebook.com/RealMediaReport

No comments:
Post a Comment